बगहा के पिपरासी प्रखंड अंतर्गत भिलोरवा गांव में रहस्यमय बीमारी से एक माह के भीतर सास और पतोह की मौत हो गई वहीं एक भतीजा अभी भी इलाजरत है
ब्यूरो नसीम खान ‘क्या’
– अमिट लेख
बगहा, (जिला ब्यूरो)। बगहा के पिपरासी प्रखंड अंतर्गत भिलोरवा गांव में रहस्यमय बीमारी से एक माह के भीतर सास और पतोह की मौत हो गई, वहीं एक भतीजा अभी भी इलाजरत है। बताया जा रहा है की बुखार के बाद स्थिति गंभीर हो जाने से यह घटना घटी है। लिहाजा मेडिकल टीम ने गांव का दौरा किया है और दर्जनों लोगों का ब्लड सैंपल जांच के लिए जीएमएचसी बेतिया भेजा गया है। फिलहाल गांव के लोग इस रहस्यमयी बुखार से भयभीत हैं। बिहार यूपी सीमा पर अवस्थित गंडक दियारा पार के पिपरासी प्रखंड अंतर्गत सौराहा पंचायत के भिलोरवा गांव में रहस्यमय बीमारी से दो लोगों की मौत हो चुकी है जबकि एक लड़के का सीमावर्ती यूपी के अस्पताल में इलाज़ चल रहा है। सूचना के बाद गांव में पहुँची मेडिकल टीम ने जांच करने के उपरांत तकरीबन 22 लोगों का ब्लड सैम्पल जीएमसीएच भेजा गया है। बताया जा रहा है की एक माह के भीतर एक ही परिवार के सास बहू की मौत हो चुकी है। दरअसल 50 वर्षीय सोनी देवी की मौत एक माह पहले हुई। जिसके बारे में बताया जा रहा है की उसे दो दिनों तक हाई फीवर हुआ और फिर बोलने सुनने की शक्ति क्षीण हो गई और इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गई। उसके ठीक 26 दिन बाद 4 सितंबर को मृतका के पतोहु 32 वर्षीय सविता देवी को भी इस रहस्यमयी बुखार ने लील लिया। पतोहु का भी गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। इन दो घटनाओं से पीड़ित परिवार अभी उबर भी नहीं पाए हैं इसी बीच निखिल नाम के लड़के की तबियत बिगड़ गई है। जिसका इलाज यूपी के पडरौना में हुआ अब चिकित्सकों ने उसे गोरखपुर रेफर कर दिया है। रहस्यमय बुख़ार के बाद मौत से ग्रामीण चिंतित हैं वहीं पिपरासी उप स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी रवीन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने गांव में जाकर जांचों परांत दर्जनों लोगों का ब्लड सैंपल लिया है। पीएचसी प्रभारी ने बताया की उन्हें सूचना मिली की हाई फीवर बुखार से एक हीं परिवार के दो सदस्यों की मौत हो गई है और एक लड़का इलाजरत है तो जांच के लिए एक मेडिकल टीम ने गांव का दौरा किया। इस दौरान पीड़ित परिवार के सदस्यों समेत आसपास के 20 से 22 लोगों का ब्लड सैंपल लेकर जीएमसीएच जांच के लिए भेजा गया है। जांचोपरांत हीं स्पष्ट हो पाएगा की मौत किन कारणों से हुई है। सिर्फ बुखार से मौत हो जाने की पुष्टि करना अभी जल्दबाजी होगी। पीएचसी प्रभारी डॉक्टर रविन्द्र कुमार मिश्रा ने लोगों से अपील की है की किसी अफवाह में न पड़े और यदि बुखार होता है तो झोला छाप डॉक्टरों की बजाय उपस्वास्थ्य केंद्र में आकर अपना इलाज कराएं।








