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Post: मां ने मगरमच्छ से लड़कर बेटे को जबड़े से निकाल बचाई जान

मां ने मगरमच्छ से लड़कर बेटे को जबड़े से निकाल बचाई जान

मां ने जान की परवाह किए बिना लाडले को मौत के मुंह से निकाल लिया जिसकी चर्चा चारो तरफ हो रही है

नसीम खान ‘क्या’

– अमिट लेख

बगहा, (जिला ब्यूरो)। नदी पार करते समय मगरमच्छ ने बेटे पर हमला किया तो मां मगरमच्छ से जा भिड़ी। मां ने जान की परवाह किए बिना लाडले को मौत के मुंह से निकाल लिया जिसकी चर्चा चारो तरफ हो रही है। बतादें, बगहा के लौकरिया थाना अंतर्गत सुरवा बारी गांव में नदी पार करते समय एक नाबालिग पर मगरमच्छ ने हमला बोल दिया। जिसके बाद उसकी मां मगरमच्छ से भिड़ गई और फिर उसे मौत के मुंह से वापस खींच कर बचा लिया। फिलहाल बच्चे का इलाज चल रहा है। बतातें चलें कि गंडक नदी में सैकड़ों की संख्या में मगरमच्छ पाए जाते हैं। ये मगरमच्छ बरसात के दिनों में गंडक नदी के सहायक नदियों में भी पहुंच जाते हैं और आम लोगों के लिए खतरे का सबब बन जाते हैं। इसी क्रम में लौकरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत सुरवा बारी गांव से होकर गुजरने वाली त्रिवेणी नहर पार करते समय 11 वर्षीय नीतीश कुमार का पैर अचानक मगरमच्छ के ऊपर पड़ गया। जिसके बाद अक्रोषित मगरमच्छ ने किशोर पर हमला बोल दिया। बताया जाता है की बच्चे के साथ उसकी मां भी मौजूद थी। लिहाजा उसने जैसे हीं मगरमच्छ के चंगुल में अपने बच्चे को देखा तो बिना जान की परवाह किए वह मगरमच्छ से भिड़ गई और फिर उसे डंडे से पीटना शुरू कर दिया। जिसके बाद मगरमच्छ ने अपने गिरफ्त से बच्चे को आजाद कर दिया। इस तरह से मां ने बहादुरी दिखाते हुए अपने बच्चे को काल के गाल में समाने से बचा लिया। घटना के तुरंत बाद महिला अपने बच्चे को लेकर स्वास्थ्य केंद्र हरनाटांड़ पहुंची जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे अनुमंडलीय अस्पताल में भेज दिया गया। यहां डॉक्टर तारिक नदीम ने बच्चे का उपचार किया और बताया की बच्चा खतरे से बाहर है। बतादें की धान के फसल की निराई यानी सोहनी चल रही है। यहीं वजह है की मां बेटे खेत में सोहनी करने गए थे और लौटते वक्त त्रिवेणी नहर पार करने के दरम्यान यह घटना घट गई। मां के बहादुरी की चर्चा अस्पताल में भी लोगों के जुबान पर थी और सभी उस मां की तारीफ कर रहे थे की उसने अपने लाडले की जान बचाने के लिए अपने जान की भी परवाह नहीं की।

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