पूर्वी चम्पारण जिला के चकिया में बिते शनिवार को बड़े ही नाटकीय तरीके से पकडा गया पीएफ आई का मोस्ट वांटेड रेयाज मारुफ एनआईए की बार बार की छापामारी मे बचता रहा था
दिवाकर पाण्डेय
– अमिट लेख
मोतिहारी, (जिला न्यूज़ ब्यूरो)। पूर्वी चम्पारण जिला के चकिया में बिते शनिवार को बड़े ही नाटकीय तरीके से पकडा गया पीएफ आई का मोस्ट वांटेड रेयाज मारुफ एनआईए की बार बार की छापामारी मे बचता रहा था। वहीं सुत्रों की माने तो हर छापामारी के बाद उसका अपने घर पर आना जाना जारी रहता था। वहीं गांव के लोगो का कहना है कि जब रेयाज से हमलोग पुछते कि भाई इतनी पुलिस तुम्हारी तलाश मे छापामारी कर रही है तो वो एक ही बात कहता था कि अरे हमको कुछ नही होगा…सब मैनेज है। अब क्या मैनेज और कहां मैनेज की बात वो कर रहा था ये किसी को कोई जानकारी नही है।इधर गांव मे जब भी पहूंचता तो हेलमेट लगाकर ही पहुंचता था और कहीं जाने के समय भी हेलमेट लगाकर ही जाता था। इधर शनिवार को चकिया मे पकडे जाने के बाद रेयाज मारुफ के घर की तलाशी लेने पुलिस पहूंची तो पुलिस का परिजनो का कड़ा विरोध झेलना पडा। हालांकि पुलिस थोडी कडाई और भारी मशक्कत के बाद घर की तलाशी लेने मे सफल रही। वहीं पुलिस को रेयाज के घर से तीन मोबाइल जब्त कर अपने साथ ले गई। जिसकी जांच की जा रही है। मोबाइल जांच के बाद कई राज से पर्दा उठ सकती है। इधर सुत्रों की माने तो रेयाज को देर रात ही एनआईए मुजप्फरपुर के वरुराज लेकर चली गई जहां उसके खिलाफ कांड संख्या 32/23 मामला दर्ज है। उसके बाद उसे रिमांड पर लेने की बात कही जा रही है। इधर पुलिस करीब महीने भर से रेयाज की गिरफ्तारी को लेकर जाल बिछा रही थी लेकिन बार बार वह असफल हो रही थी। वहीं शनिवार को सुबह करीब दस बजे ही रियाज पुलिस की गिरफ्त मे आ गया। चकिया अनुमंडल क्षेत्र के मेहसी, केसरीया, पीपरा, जितौरा कुंअवा सहित आसपास के इलाकों मे संगठन का कर रहा था विस्तार।








