
बांका से हमारे उप-संपादक का संकलन :
श्रीकृष्ण के नामो में मीरा ने गिरधर गोपाल तो नरसी मेहता ने सांवरिया सेठ के नाम का जाप कर प्रभु से साक्षात्कार किया
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बारहाट, (अनूप कुमार)। प्रखंड अंतर्गत चंगेरी मिर्जापुर दुर्गा स्थान परिसर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा वाचन के छठे दिन मंगलवार को कथावाचक सत्यप्रकाश शरण जी महाराज ने श्रीमद् भागवत कथा वाचन के दौरान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वृत्तांत सुनाया।

कथावाचक ने कहा कि बाल रूपी श्रीकृष्ण में सबको मंत्र मुग्ध करने की कला थी। जिस पर वे माखन चुराने पर माखन चोर कन्हैया, सबको आकर्षित करने पर मनमोहन और मुरली की मधुर धुन बजाने पर मुरली मनोहर कहलाए। श्रीकृष्ण के नामो में मीरा ने गिरधर गोपाल तो नरसी मेहता ने सांवरिया सेठ के नाम का जाप कर प्रभु से साक्षात्कार किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण की बाल लीला में सबसे आकर्षित करने वाली कला थी।
जिससे वे बालपन में अपने बाल सखाओं के साथ मिलकर माखन की चोरी करते और माखन चुराते पकड़े जाने पर गुजरियां यशोदा मैया को उलाहना देती थी। एक बार यशोदा मैया ने श्रीकृष्ण से पूछा कि मुख खोलकर बताओ कि तुमने माखन खाया है कि नहीं, जिस पर जैसे ही बाल गोपाल ने अपना मुख खोला तो यशोदा मैया को मुख में पूरा ब्रह्मांड दिखा। तभी जान गई कि यह कोई साधारण बालक नहीं है। उसके बाद यशोदा मैया ने श्रीकृष्ण को इतना दुलार दिया कि वे उनसे एक पल के लिए भी दूर हो। महाराज ने कहा कि शास्त्रों में भी विद्यमान है कि गौ माता में ३३ करोड़ देवी देवताओं का वास है। वर्तमान में जिस प्रकार से गौ माता का तिरस्कार हो रहा है वैसे-वैसे हमारे अंदर संस्कृति और संस्कारों का भी पतन होता जा रहा है। आज की आवाज है कि गौ माता का संरक्षण कर उसका सम्मान करो तभी हमारे संस्कारों का सुधार होगा। इस मौके पर चंगेरी, मिर्जापुर गांव सहित आस पास के गांवों से आए बडी संख्या में महिला पुरुष श्रोतागण मौजूद थे। कार्यक्रम में समाजसेवी राजू मंडल, बुद्धदेव राउत, राजकुमार मंडल, सोनेलाल साह, शैलेंद्र यादव, बजरंग मेहता, विकास कुमार, अजय यादव, प्रशांत कुमार मुन्ना, अजीत कुमार गुंजन, पंकज कुमार पवन कुमार सुमन, नीरज महाराणा, राजीव रंजन, राजेश कुमार पमपम मेहता, नवल साह धनंजय राउत, संजय साह गोविंद साह, आलोक बिंद, पंकज कुमार जय,शैलेंद्र मेहता,प्रिंस महाराणा, हेमकांत महाराणा,अमरेश कुमार सहित हजारों भक्तगण और विभिन्न तीर्थ स्थलों से आए संत-महात्मा व ग्रामीण उपस्थित रहे।








