बेतिया से हमारे जिला ब्यूरो की रिपोर्ट :
नरकटियागंज प्रखंड के बनवरिया और केसरिया पंचायत में मनरेगा/VB-G RAM-G योजना के मस्टरोल में बन रही मजदूरों की फर्जी हाजरी
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
पश्चिमी चम्पारण, (अमित तिवारी)। बिहार में मनरेगा यानि VB-G RAM G (MGNREGA) घोटाले का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। मामला पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज प्रखंड के बनवरिया और केसरिया पंचायत का है जहाँ मनरेगा कार्यों में जबरदस्त धांधली का मामला प्रकाश में आया है।
“पंचायत बनवरिया” के कार्य कोड की बात करे –
: 0512009/एफपी/20422251
Work Name : ग्राम अजुआ मे पारस साधु के खेत से ठाकुर पटेल के खेत तक पईन सफाई कार्य, जिसका मस्टर रोल 10938 है इस योजना मे 35 मजदूरों का फर्जी हाजरी बनाया।
केसरिया पंचायत के कार्य का कोड : 0512009022/एफपी/20410607
वर्क नाम : त्रिलोकवा में शेख जैनुल के खेत से शमशान घाट तक रहूवा नदी का सफाई कार्य l जिसका मस्टर रोल 11028 है। इन दोनों पंचायत में बिगत कई दिनों से फर्जी तरीकों से हाजिरी बनाई जा रही है। वही सूत्रों के हवाले से जानकारी के अनुसार पिछले कई दिनों से यहाँ 15 से 25 लोगो को बुलाकर फोटो खींचकर डाली जा रही है डाली गई फोटो मे देख सकते है। एक मजदूर का फोटो और हाजरी पांच मजदूर का बनाया गया है। इससे यह स्पस्ट हो रहा है की सिर्फ कागजों पर कार्यों को किया जा रहा है। इस मामले की खुलासा तो तब हुई जब हमारी टीम धरातल पर पहुँच कर स्थानीय लोगों और ग्रामीणों से जानकारी प्राप्त की। सवाल यह उठता है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत चल रहे कार्यों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। फर्जी हाजिरी, मजदूरों की गैरमौजूदगी, और सरकारी धन के गबन के मामले उजागर हुए हैं। इस भ्रष्टाचार से न केवल सरकारी धन की लूट हो रही है, बल्कि गरीब मजदूरों के अधिकारों का भी हनन किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधि, रोजगार सेवक और PO की मिली भगत के बिना इतना बड़ा घोटाला संभव नहीं हो सकता।
✔ पंचायत प्रतिनिधियों की अनदेखी या मिली भगत इस भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है :
फर्जी हाजिरी और फर्जी भुगतान की उच्च स्तरीय जांच कर धोखाधड़ी से निकाली जा रही राशि को वसूली जाए।
✔ मनरेगा योजनाओं की निगरानी के लिए पारदर्शी और जवाबदेही प्रणाली लागू की जाए।
इससे स्पष्ट रूप से केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना की विश्वनिता को कटघरे में खड़ा कर रहा है। पंचायत में भी रोजगार देने के नाम पर लूट हो रही है। इस योजना को कामधेनु बनाने में सार्थक साबित होता दिख रहा है!








