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Post: वेस्ट चंपारण के बगहा डबल मर्डर केस में दो गिरफ्तार

वेस्ट चंपारण के बगहा डबल मर्डर केस में दो गिरफ्तार

बेतिया से उप-संपादक का चश्मा : 

पुलिस ने बताया ‘ऑनर किलिंग’ का मामला

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

– अमिट लेख

बेतिया, (मोहन सिंह)। बगहा पुलिस ने पिछले साल वेस्ट चंपारण जिले में हुए एक सनसनीखेज डबल मर्डर केस के सिलसिले में सोमवार देर रात दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

आरोपी : रामपुर बगीचा के रामू मुसहर और उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के महादेवा के रहने वाले जितेंद्र निषाद उर्फ जीतन मुखिया : ने कथित तौर पर एक नाबालिग लड़की और उसके साथी की हत्या करने और समाज में बदनामी से बचने के लिए इसे आत्महत्या का रूप देने की बात कबूल की है। बगहा के पुलिस सुपरिटेंडेंट रामानंद कौशल ने कहा कि यह मामला 14 सितंबर, 2025 का है, जब रामपुर बगीचा टोला के रहने वाले मदन बीन ने FIR दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग बेटी दुलारी कुमारी को किडनैप कर लिया गया है। उसने शिकायत में अखिलेश यादव समेत उसी गांव के आठ लोगों का नाम लिया था। इसके बाद, अखिलेश की मां ने लड़की के परिवार पर अपने बेटे को किडनैप करने का आरोप लगाते हुए कोर्ट में जवाबी शिकायत दर्ज कराई। लगभग चार महीने बाद, 22 जनवरी, 2026 को, पास के मदनपुर जंगल इलाके में जलाने की लकड़ी इकट्ठा करने गए गांववालों को एक पेड़ से दो लाशें लटकी हुई मिलीं। बाद में मरने वालों की पहचान लापता जोड़े – दुलारी कुमारी और अखिलेश यादव के रूप में हुई। जांच के दौरान, पुलिस को पता चला कि दोनों रिलेशनशिप में थे, जिसका लड़की के पिता ने विरोध किया, क्योंकि उन्हें कथित तौर पर समाज में बदनामी का डर था। पुलिस ने कहा कि मदन बीन ने अपने साथी रामू मुसहर और दूसरे रिश्तेदारों के साथ मिलकर कपल को खत्म करने की साज़िश रची। 8 सितंबर, 2025 को, लड़की को कथित तौर पर पत्ते इकट्ठा करने के बहाने जंगल में ले जाया गया। बाद में मुसहर के मोबाइल फोन से किए गए एक फोन कॉल के ज़रिए अखिलेश को उसी जगह पर फुसलाया गया। जांच करने वालों ने कहा कि आरोपियों ने अखिलेश को एक सुसाइड नोट लिखने के लिए मजबूर किया, जिसे बाद में उसने अपने मोबाइल कवर के पीछे छिपा दिया। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर लड़की की हत्या कर दी और अखिलेश का गला घोंट दिया, फिर दोनों शवों को रस्सियों से पेड़ से लटका दिया ताकि यह सुसाइड का मामला लगे। एसपी कौशल ने कहा कि जांच के दौरान मिले टेक्निकल सबूतों के आधार पर 30 मार्च, 2026 को गिरफ्तारियां की गईं। जो आरोपी अभी भी फरार हैं, उन्हें पकड़ने के लिए और छापेमारी की जा रही है।

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