बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :
परिजनों ने काटा जमकर बवाल, बगहा एसपी के आदेश पर एफआईआर दर्ज
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। बड़ी ख़बर बगहा से है जहाँ रामनगर थाना क्षेत्र के नेपाली टोला स्थित संजीवनी हेल्थ केयर निजी अस्पताल से एक बार फ़िर सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ ऑपरेशन के दौरान एक नवविवाहिता महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है।

सबसे बड़ी बात यह है की परिजन नव विवाहिता को पॉइज़न का इंजेक्शन देकर उसे जान से मारने का आरोप लगा रहें हैं। जिसके बाद बवाल मचा है। हंगामा की सूचना पर पहुंची पुलिस नें मोर्चा संभाल लिया है। दरअसल रामनगर स्थित संजीवनी केयर नीजी अस्पताल लम्बे समय से सुर्खियों में रहा है क्योंकि, अक़्सर यहाँ प्रसव पीड़िता मरीजों की मौत नें हेल्थ सिस्टम पर सवाल खड़े क़र दिए हैं लिहाजा रामनगर CHC या जिले के CS ऑफिस से इस मामले में कोई भी जानकारी साँझा करना मुनासिब नहीं समझा जा रहा है हालांकि शिकायत पर एसपी रामानंद कुमार कौशल नें केस दर्ज़ क़र विधी सम्मत कार्रवाई का भरोसा जरूर दिलाया है।

बताया जा रहा है की चौतरवा थाना क्षेत्र के रायबारी महुआ निवासी इमरान अंसारी की पत्नी सोनी खातुन को ससुरालियों नें संजीवनी केयर प्राइवेट क्लिनिक रामनगर के तथाकथित चिकित्सक नंदलाल यादव की मिली भगत से प्रसव के दौरान ग़लत डोज देकर उसे मौत के घाट उतरवाकर फरार हों गए। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी का माहौल है जबकि परिजनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। क्योंकि मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि दहेज़ में 20 लाख रुपये की गाड़ी की मांग को लेकर सोनी खातुन को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था । इसी बीच सोनी गर्भवती हों गईं तो प्रसव के दौरान ऑपरेशन से जन्मे शिशु को लेकर घर वाले भाग गए जबकि सोनी हमेशा हमेशा के लिए गहरी नींद में सो गईं उसके बॉडी पर सूजन औऱ इन्फेक्शन का हवाला देते हुए मृतका के मामा पूर्व जिलापार्षद कलाम अंसारी नें इस हत्या की जाँच क़र कार्रवाई की मांग किया है। परिजनों का यह भी आरोप है कि निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक के साथ मिलकर साजिशन हत्या की गई है। उनका कहना है कि ससुराल वालों ने सच्चाई छिपाने के लिए महिला की मौत के बाद नवजात शिशु को लेकर अस्पताल से फरार होने की कोशिश की है। जानकारी के मुताबिक सोनी का शल्य क्रिया के जरिए प्रसव कराया गया था, जिसके बाद महिला की हालत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद अस्पताल संचालक और कथित नीम हकीम मौके से फरार हो गया। बता दें की रामनगर में यह निजी क्लिनिक झोलाछाप चिकित्सक नंदलाल यादव द्वारा संचालित किया जा रहा था, जिस पर पहले भी लापरवाही के कई आरोप लग चुके हैं। लेकिन उसने एक साथ चार -चार चिकित्स्कों के नेम प्लेट वाले बोर्ड लगाकर ऑपरेशन का गोरख धंधा तेज़ क़र रखा है जिसके रजिस्ट्रेशन समेत वैध होने की भी जाँच बेहद ज़रूरी है। इधर घटना की सूचना मिलते ही रामनगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और SDPO रागिनी कुमारी के निर्देश पर घटना स्थल से एफएसएल टीम के साथ जांच शुरू कर दी गई है । पुलिस नवजात शिशु और फरार ससुराल पक्ष की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। वहीं, मृतका के परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है । इस पूरे मामले में बगहा एसपी रामानंद कुमार कौशल ने कहा है कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद ही मौत के सही कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा । बहरहाल पुलिस कप्तान नें विधी सम्मत कार्रवाई का भरोसा दिलाया है जिसके बाद मृतका के परिजनों में न्याय की उम्मीद जगी है। अब सवाल यह है की रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की नाक के निचे संजीवनी केयर नीजी अस्पताल का संचालन एक नहीं चार – चार चिकित्स्कों के नेम प्लेट औऱ पर्ची का इस्तेमाल क़र कैसे किया जा रहा है जहाँ प्रसव के दौरान कई मरीजों की जान जा चुकी है औऱ स्वास्थ्य विभाग की ओर से न तो कोई जाँच की जा रही है औऱ ना हीं कोई कार्रवाई…! जिससे विभाग की किरकिरी हों रही है क्योंकि भोले भाले औऱ मजबूर मरीजों के जान माल से खिलवाड़ बदस्तूर जारी है ।








