बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :
यही वह आश्रम है जहां से महात्मा गांधी ने देश को आजाद करने के लिए आंदोलन की शुरुआत की थी
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। महात्मा गांधी की कर्मभूमि पश्चिम चंपारण का भितिहरवा गांधी आश्रम 4 अप्रैल 26 को भारत के माननीय उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के आगमन से ऐतिहासिक साक्षी बन गया।

माननीय राधा कृष्ण भारत के पहले उप राष्ट्रपति हैं जिन्होंने महात्मा गांधी की आश्रम का दर्शन किया। इस अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा भितिहरवा गांधी आश्रम को दुल्हन की तरह सजाया गया था।

आगमन के साथ उप-राष्ट्रपति ने महात्मा गांधी के आदम कद प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन एवं पुष्प माला अर्पित कर बापू के चरणों में माथा टेका, जो एक ऐतिहासिक पल रहा। इसके बाद उन्होंने आश्रम के उन सभी ऐतिहासिक एवं अमूल्य वस्तुओं का बारीकी से दर्शन किया

जो महात्मा गांधी एवं उनकी धर्मपत्नी कस्तूरबा गांधी ने अपने दैनिक जीवन में प्रयोग किया था और उसे समय के ताल चित्रों का भी अवलोकन किया।
यही वह आश्रम है जहां से महात्मा गांधी ने देश को आजाद करने के लिए आंदोलन की शुरुआत की थी और मोहनदास करमचंद गांधी को चंपारण की धरती ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी बना दिया।

इस मौके पर गांधी आश्रम एवं आसपास के क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।








