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Post: मुजफ्फरपुर में इंसाफ के नाम पर तालिबानी फरमान! प्रेमी जोड़े को पेड़ से बांधकर पिटाई

मुजफ्फरपुर में इंसाफ के नाम पर तालिबानी फरमान! प्रेमी जोड़े को पेड़ से बांधकर पिटाई

रिपोर्ट : विशेष ब्यूरो, पटना 

शादी कराने पर उठे बड़े सवाल

कथित तौर पर दोनों को पेड़ से बांधकर पिटाई की गई और फिर पंचायत के बीच शादी करा दिए जाने का मामला सामने आया है

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

–  अमिट लेख

पटना, (दिवाकर पाण्डेय)। मुजफ्फरपुर में प्रेम प्रसंग के एक मामले ने सामाजिक मर्यादा और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सकरा थाना क्षेत्र के मझौलिया पंचायत के वार्ड नंबर-7 में एक प्रेमी जोड़े को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। इसके बाद कथित तौर पर दोनों को पेड़ से बांधकर पिटाई की गई और फिर पंचायत के बीच शादी करा दिए जाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, गांव का एक युवक अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचा था। बताया जा रहा है कि युवक पहले से शादीशुदा है। इसी दौरान स्थानीय लोगों ने दोनों को पकड़ लिया। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जुट गई। आरोप है कि भीड़ ने कानून हाथ में लेते हुए प्रेमी जोड़े को पेड़ से बांध दिया और उनके साथ मारपीट की। मामले की सबसे गंभीर बात यह रही कि भीड़ के सामने दोनों की बेइज्जती की गई और कई लोग इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाते रहे। इसके बाद पंचायत के कथित फैसले के तहत युवती की शादी उसी शादीशुदा युवक से करा दी गई। अब यही फैसला कानूनी और सामाजिक बहस का मुद्दा बन गया है। सवाल उठ रहा है कि अगर युवक की पहले से शादी हो चुकी थी, तो उसकी दूसरी शादी किस आधार पर कराई गई? क्या पंचायत को ऐसा फैसला लेने का अधिकार है? कानून के जानकारों के मुताबिक, किसी भी विवाद का समाधान पंचायत या भीड़ के दबाव में नहीं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया के तहत वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। सकरा थाना प्रभारी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों के बीच पहले से प्रेम संबंध था और ग्रामीणों को शक हुआ कि दोनों घर छोड़कर भागने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद लोगों ने दोनों को पकड़ लिया और बाद में उन्हें उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया। फिलहाल पुलिस वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है। यह मामला एक बार फिर इस सवाल को सामने ला रहा है कि समाज के नाम पर भीड़ को कानून हाथ में लेने का अधिकार आखिर किसने दिया? प्रेम संबंधों के विवाद में हिंसा, सार्वजनिक अपमान और जबरन फैसले किसी भी स्थिति में कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं।

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