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Post: बिहार में घूसखोर GM पर विजिलेंस का शिकंजा, 50 हजार रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

बिहार में घूसखोर GM पर विजिलेंस का शिकंजा, 50 हजार रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

रिपोर्ट : विशेष ब्यूरो, पटना 

मशीनों की आपूर्ति के एवज में कमीशन मांगने की शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने पूरे मामले का सत्यापन कराया था

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़ 

– अमिट लेख
पटना, (दिवाकर पाण्डेय)। अररिया में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उद्योग विभाग के महाप्रबंधक अनिल कुमार मंडल को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। मशीनों की आपूर्ति के एवज में कमीशन मांगने की शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने पूरे मामले का सत्यापन कराया था। आरोप सही पाए जाने के बाद धावा दल ने महाप्रबंधक के किराए के आवास पर छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। निगरानी विभाग के डीएसपी सतीश चंद्र माधव के अनुसार, मशीन सप्लायर कमरे आलम ने महाप्रबंधक के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि विभिन्न लोगों को मशीनों की आपूर्ति करने के बाद भुगतान और प्रक्रिया से जुड़े काम के एवज में महाप्रबंधक कमीशन की मांग कर रहे थे। शिकायतकर्ता के मुताबिक, करीब 17 लाख रुपये की मशीनों की आपूर्ति की गई थी। इसके एवज में महाप्रबंधक ने 5 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। इस हिसाब से कुल 85 हजार रुपये देने की बात कही गई थी। शिकायतकर्ता ने मामले की जानकारी निगरानी विभाग को दी, जिसके बाद अधिकारियों ने शिकायत का सत्यापन कराया। सत्यापन में आरोप सही पाए जाने के बाद निगरानी विभाग ने भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत कार्रवाई की तैयारी शुरू की. डीएसपी सतीश चंद्र माधव के नेतृत्व में धावा दल का गठन किया गया और महाप्रबंधक को रिश्वत की रकम लेते पकड़ने की योजना बनाई गई। निगरानी विभाग की टीम ने अररिया स्थित अनिल कुमार मंडल के किराए के आवास पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान टीम ने 50 हजार रुपये की रिश्वत की रकम बरामद की. इसके बाद महाप्रबंधक को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम उनसे पूछताछ कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और रिश्वत से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। उद्योग विभाग के महाप्रबंधक की रिश्वत लेते गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद विभाग से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। निगरानी विभाग अब यह भी जांच कर रहा है कि इस मामले में रिश्वत की मांग और लेनदेन से जुड़े अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नही ।

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