रिपोर्ट : बेतिया डेस्क
शिक्षिका सुश्री मेरी आडलीन ने बताया कि प्रत्येक शनिवार को सुरक्षित शनिवार मनाया जाता है और बच्चों को आपदा प्रबंधन की जानकारी दी जाती है
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। सुरक्षित शनिवार के अवसर पर रा०उ०मा०वि० सबेया कला में भूकंप से बचाव के बारे में मॉक ड्रिल के माध्यम से जानकारी दिया गया ।
शिक्षिका सुश्री मेरी आडलीन ने बताया कि प्रत्येक शनिवार को सुरक्षित शनिवार मनाया जाता है और बच्चों को आपदा प्रबंधन की जानकारी दी जाती है। इसी क्रम में आज भूकंप आने पर क्या करें और क्या न करें, की विस्तृत जानकारी दिया गया।
मेरी आडलीन ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए बताया कि भूकंप आने पर सबसे महत्वपूर्ण नियम ड्रॉप, कवर और होल्ड ऑन (नीचे झुकें, सिर ढकें और पकड़ कर रखें) है। इससे भूकंप आने पर खुद को काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
.भूकंप आने पर क्या करें –
. भगदड़ नहीं मचाएं, शांत रहे।
.यदि आप घर के अंदर हैं, तो झटके रुकने तक वहीं अंदर रहें। किसी मजबूत टेबल या डेस्क के नीचे छिप जाएं और उसका सहारा पकड़कर रखें।
.किसी खुले मैदान में चले जाएं और बड़ी इमारतों या पेड़ों से दूर रहें।
.यदि आप गाड़ी चला रहे हैं, तो वाहन को किसी सुरक्षित खुली जगह पर रोकें और झटके थमने तक गाड़ी के अंदर ही रहें।
.खुद को सुरक्षित रखें और दूसरों की मदद करें।
.अपवाहों से बचें।
भूकंप आने पर क्या न करें –
.भूकंप के दौरान या तुरंत बाद कभी भी लिफ्ट का उपयोग न करें, क्योंकि बिजली गुल हो सकती है, लिफ्ट बंद हो सकता है।
.झटके महसूस होते ही अफरा तफरी में सीढ़ियों या बाहर की तरफ भागने की कोशिश न करें, इससे गिरने और चोट लगने का खतरा अधिक होता है।
.कांच की खिड़कियों, भारी अलमारी, टीवी और झूमर जैसी चीजों से दूर रहें।
.गैस लीक होने के खतरे के कारण माचिस, लाइटर या किसी खुली आग का इस्तेमाल न करें।
.बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करे।
. अगर वाहन चला रहे है तो पुल या ओभरब्रिज पर गाड़ी नहीं रोके।
छात्र- छात्राओं ने स्वयं भी मॉक ड्रिल के माध्यम से भूकंप से बचाव के उपाय बताए। मेरी आडलीन ने कहा कि सावधानी ही बचाव है। इसलिए सतर्क, सावधान रहें और सुरक्षित रहें।








