AMIT LEKH

Post: नगर निगम : शौचालयों व अन्य सैरातों की बंदोबस्ती के लिए 13 से 15 जुलाई तक लगेगी खुली बोली – गरिमा

नगर निगम : शौचालयों व अन्य सैरातों की बंदोबस्ती के लिए 13 से 15 जुलाई तक लगेगी खुली बोली – गरिमा

बेतिया से उप-संपादक का चश्मा : 

नगर आयुक्त द्वारा जारी बंदोबस्ती की विज्ञप्ति में क्रमवार 20, 22 और 23 तथा 27, 28 और 29 जुलाई की तिथि भी निर्धारित

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

– अमिट लेख

बेतिया, (मोहन सिंह)। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि नगर निगम प्रशासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न सार्वजनिक शौचालयों एवं अन्य सैरातों की बंदोबस्ती हेतु खुली डाक नीलामी की तिथियां घोषित कर दी हैं। महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि नगर आयुक्त की ओर से जारी सैरात बंदोबस्ती अधिसूचना के अनुसार खुली बोली की प्रक्रिया आगामी 13, 14 एवं 15 जुलाई को प्रतिदिन पूर्वाह्न 11 बजे नगर निगम कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित होगी। अधिसूचना के अनुसार महापौर ने बताया कि पहली तिथि को बंदोबस्ती नहीं हो पाने की स्थिति में बंदोबस्ती के लिए 20, 22 और 23 तथा 27 28 तथा 29 जुलाई 2026 की तिथि इच्छुक संवेदकों के लिए निर्धारित की गई है। महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि नगर निगम द्वारा जिन सैरातों की बंदोबस्ती की जाएगी, उनमें सागर पोखरा व उत्तरवारी पोखरा नौका परिचालन शुल्क, विभिन्न नगर निगम भूखंडों की बंदोबस्ती, हाट-सरैया, तथा नगर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर संचालित सार्वजनिक शौचालय शामिल हैं। इनमें स्टेशन चौक, समाहरणालय परिसर, हरिवाटिका, शहीद पार्क, उत्तरवारी पोखरा, हरिजन टोली, कालीबाग ओपी सहित शहर के विभिन्न वार्डों के सूचीबद्ध सार्वजनिक शौचालयों की शुल्क वसूली का अधिकार भी बंदोबस्ती के माध्यम से दिया जाएगा।

नगर निगम प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया है गया है कि सभी सार्वजनिक शौचालयों की बंदोबस्ती एकमुश्त होगी तथा निर्धारित न्यूनतम सुरक्षित जमा राशि और जमानत राशि के आधार पर ही बोली स्वीकार की जाएगी। इच्छुक व्यक्ति विस्तृत जानकारी नगर निगम कार्यालय अथवा राज्य सरकार के ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर प्राप्त कर सकते हैं। जारी बंदोबस्ती प्रक्रिया के बाबत महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि विगत फरवरी 2026 से ही नगर निगम प्रशासन द्वारा जारी सैरात बंदोबस्ती की प्रक्रिया प्रायः सभी मुख्य और महत्वपूर्ण सैरातों की बंदोबस्ती प्रक्रिया पूरी हो जाने के बावजूद सार्वजनिक शौचालयों,नौकायन सहित कुछ सैरात संवेदकों की कम भागीदारी के कारण बचे हुए हैं,नगर आयुक्त के द्वारा इसके लिए अनेकों बार निविदा जारी करने के बावजूद सैरातों की बंदोबस्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाने के कारण इसकी पहल लगातार जारी है।

Leave a Reply

Recent Post