रिपोर्ट : विशेष ब्यूरो, पटना डेस्क
अब तक 28 FIR दर्ज, 7 आरोपी हुए गिरफ्तार
आरोप है कि विधायक और उनके लोगों ने फर्जी कागजात तैयार कर 35 लाख रुपये देने की आड़ में उनकी जमीन अपनी मां सुधा देवी के नाम रजिस्ट्री करवा ली, जबकि पीड़िता को एक भी पैसा नहीं मिला
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
मुजफ्फरपुर, (विशेष ब्यूरो)। सीतामढ़ी के बेलसंड से लोजपा (आर) के विधायक अमित कुमार रानू और उनके सहयोगियों पर मुजफ्फरपुर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। मुजफ्फरपुर के अहियापुर और ब्रह्मपुरा थानों में विधायक व उनके लोगों के खिलाफ अब तक कुल 28 प्राथमिकियां दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें अकेले 9 मामलों में विधायक को आरोपी बनाया गया है। हालिया एफआईआर ब्रह्मपुरा थाने में पीड़िता आशा देवी ने दर्ज कराई है, जिसमें आरोप है कि विधायक और उनके लोगों ने फर्जी कागजात तैयार कर 35 लाख रुपये देने की आड़ में उनकी जमीन अपनी मां सुधा देवी के नाम रजिस्ट्री करवा ली, जबकि पीड़िता को एक भी पैसा नहीं मिला। एसडीपीओ टाउन टू विनिता सिन्हा के अनुसार, 20 अगस्त को अहियापुर के झपहां-उदनडीह में स्कॉर्पियो, थार और जेसीबी सवार 50 से अधिक आरोपियों ने 52 लोगों की चहारदीवारी और घरों को ढहा दिया था। विरोध करने पर रंगदारी मांगने, मारपीट करने और एक व्यक्ति को जेसीबी के नीचे फेंकने का प्रयास किया गया था। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जेसीबी मालिक सुबोध राय, नामजद सुमित कुमार श्रीवास्तव और सन्नी सिंह समेत कुल 7 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा है। जांच के दौरान मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी पुलिस की संयुक्त टीम ने बेलसंड स्थित विधायक के कोठी चौक कार्यालय पर छापेमारी कर नन्हे सिंह और कुख्यात अपराधी छोटू यादव को गिरफ्तार किया। इनके पास से एक पिस्टल, दो मैगजीन, नौ कारतूस और मोबाइल बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, छोटू यादव पर डकैती, लूट, रंगदारी और हत्या के प्रयास जैसे 7 गंभीर आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। न्यायालय से सर्च वारंट मिलने के बाद 23 अगस्त को मुजफ्फरपुर के बैरिया स्थित विधायक के आवास पर पुलिस ने छापेमारी की। वहां से पार्टनरशिप एग्रीमेंट, बैंक अकाउंट के दस्तावेज और 2017 का हस्ताक्षरित ब्लैंक स्टाम्प पेपर जब्त किया गया। छापेमारी के दौरान पुलिस से बदसलूकी करने के आरोप में अहियापुर थाने में अलग से केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा, कच्ची-पक्की ओपी क्षेत्र में विधायक के रिश्तेदार संतोष सिंह के घर पर उनके भाई सोनू सिंह के छिपाने और पुलिस को धमकी देने के आरोप में भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसडीपीओ विनिता सिन्हा ने बताया कि विधायक अमित रानू का आपराधिक इतिहास रहा है और उनके खिलाफ सीतामढ़ी के रून्नीसैदपुर थाने में 2012 से रंगदारी व आपराधिक साजिश का मामला दर्ज है। पुलिस अब विधायक और उनके फरार भाई सोनू सिंह उर्फ अभिनव की गिरफ्तारी के लिए अदालत से गिरफ्तारी वारंट प्राप्त करने की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है। भू-माफियाओं के इस बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार छापेमारी जारी है।








