प्रत्याशी के आंखों के सामने अपने नाबालिग मासूम सुफियान का जनाजा जब निकला होगा तब क्या गुजर रही होगी उस परिवार पर, इस दर्द को सिर्फ और सिर्फ औलाद वाले ही समझ सकते हैं
“रामनगर थाना क्षेत्र में इन दिनों अल्पसंख्यकों पर भारी संकट मंडरा रही है।” ऐसा बयान गोला बाजार हरिनगर निवासी, डैनमरवा रोड के महान समाजसेवी भाई अखलाक ने अपने बयान में बताया
ठाकुर रमेश शर्मा
अमिट लेख
रामनगर, (विशेष)। नगर परिषद के जुझारू, जनता के चहेते भाई इस्लाम जो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पार्टी के सजग सिपाही पूर्व पार्षद शेख गुड्डू जो नरैनापुर रामनगर निवासी हैं, विगत नगर परिषद चुनाव के उपसभापति के लिए इनकी माताजी प्रत्याशी भी रह चुकी है। उस प्रत्याशी के आंखों के सामने अपने नाबालिग मासूम सुफियान का जनाजा जब निकला होगा तब क्या गुजर रही होगी उस परिवार पर, इस दर्द को सिर्फ और सिर्फ औलाद वाले ही समझ सकते हैं। क्या यह खबर बिहार के मुख्यमंत्री के कानों तक नहीं पहुंची मीडिया के माध्यम से? जदयू के वरिष्ठ नेता शेख गुड्डू ने बताया कि जब मैं अपने बेटा के हत्या के बाबत रामनगर थानाध्यक्ष से पूछा तो उन्होंने बताया कि इस हत्या के अलावा पुलिस के और भी काम है। भला नीतीश कुमार ही बताएं। रामनगर विधानसभा में इन दिनों कम उम्र के अपराधी सक्रिय हैं। नशा शराबबंदी के बाद भी चरम पर है। क्या इसे ही कहते हैं सुशासन जब उनके ही सिपाहियों की ऐसी दशा। तो भला आम आदमी इस सरकार से या व्यवस्था से क्या आशा रखें ? “रामनगर थाना क्षेत्र में इन दिनों अल्पसंख्यकों पर भारी संकट मंडरा रही है।” ऐसा बयान गोला बाजार हरिनगर निवासी, डैनमरवा रोड के महान समाजसेवी भाई अखलाक ने अपने बयान में बताया। अखलाक मानवाधिकार एक्टिविटीज भी हैं। उन्होंने तो यह भी कह दिया कि “क्या रिडक्शन वालों की तैनाती रामनगर थाना क्षेत्र में होती है? यहां कम से कम किसी पद पर एक उच्च पदों पर अल्पसंख्यक अधिकारी जरूर चाहिए क्योंकि रामनगर बहुत ही संवेदनशील जगह है ,हर धर्म का ऑफिसर होना लाजमी है।” मासूम सुफियान हत्याकांड रामनगर थाना केस नं०-245/2023 मे आज 5-6 दिन के बाद कौन से कॉल डिटेल की बात हो रही है पुलिस के द्वारा? अपराधी मोबाइल कही और रखते हैं, और अपराध कही और करते हैं। अगर इस केस का मॉनिटरिंग चंपारण परिक्षेत्र के उपमहानिरीक्षक जयकान्त स्वयं करेंगे तभी कुछ खास प्रगति हो पाएगी और तभी कुछ वैज्ञानिक अनुसंधान हो पाएगी। क्योंकि महज कॉल डिटेल के आधार बनाना बहुत बड़ा साक्ष्य नहीं हो सकता। भाजपा नेता मधुकर राय तथा कांग्रेसी नेता नरेश राम मुखिया संघ के अध्यक्ष इमाम, अखलाक भाई उपरोक्त सभी नेताओं ने अपने बयान में बताया कि “वाहन जांच का मतलब अवैध वसूली नहीं होती है। अगर नगर में पुलिस की टीम जा रही हैं, कोई बे-लगाम बाइक ड्राइव कर रहा है या चार चक्का नियमों का उल्लंघन कर रहा है उसका चालान होनी चाहिए। बिना साइलेंसर का बुलेट मोटरसाइकिल क्यों चल रही है? क्या ध्वनि प्रदूषण नहीं हो रही है? कुछ ऊँचे रसूख वालो को घर जाने के रामनगर के धंधेबाजो की सवारी चाहिए तो अपराध पर अंकुश कैसे लगेगी? अगर शेख गुड्डू के पुत्र मरहूम सुफियान हत्याकांड के असली अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो अनेकों संगठनों के द्वारा शीघ्र आंदोलन किया जाएगा।








