जमीन की पैमाइश के लिए रोज एक दर्जन आवेदन आते हैं। परंतु अंचल कार्यालय छः महीने में भी उनका तिथि मुकर्रर नहीं कर पाता
✍️ प्रतिनिधि
– अमिट लेख
वीरपुर (सुपौल)। बसन्तपुर अंचल कार्यालय में मात्र एक अमीन के पदस्थापित रहने के कारण भूस्वामी को लम्बे समय के इंतजार के बाबजूद भी भूमि पैमाइश का समय नही मिल पा रहा है। मालूम हो कि बसन्तपुर अंचल अंतर्गत 14 ग्राम पंचायत एवं एक नगर पंचायत आते है। अंचल कार्यालय में एकमात्र अमीन शशिभूषण पदस्थापित है। जमीन की पैमाइश के लिए रोज एक दर्जन आवेदन आते हैं। परंतु अंचल कार्यालय छः महीने में भी उनका तिथि मुकर्रर नहीं कर पाता। स-समय जमीन की पैमाइश नही होने से दिन प्रतिदिन विवाद बढ़ रहा है। जो बाद में खूनी संघर्ष में तब्दील हो रहा है। मालूम हो कि साल 2008 की कुशहा त्रासदी में खेतों में बड़ी संख्या में मेढ़ बालू के नीचे दब गए। जिससे जमीन की सीमांकन की समस्या पैदा हो गयी। अब धीरे धीरे यह समस्या खूनी संघर्ष का कारण बनते जा रही है। भूस्वामी राजेन्द्र यादव पिपराही, सुमित मंडल शिवनगर, रामु मेहता रतनपुर कहते है कि अंचल कार्यालय किसानों की भूमि पैमाश को लेकर उदासीन बनी हुई है।जिससे गांव मे जमीनी विवाद बढ़ रहा है। नित खूनी संघर्ष हो रहे है। प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है। इस सम्बंध में पूछे जाने पर सीओ शशि भास्कर का कहना था कि जो आवेदन भूमि पैमाइश के लिय आते है और जिनकी रिपोर्ट कर्मचारी के द्वारा समर्पित कर दी गई है। उसकी पैमाइश की जा रही है।








