संजय जायसवाल ने मुख्यमंत्री पर लगाया नीचता का आरोप
राज्यपाल कि सड़क यात्रा पर बीजेपी ने कसा तंज
सांसद संजय जायसवाल ने कहा नीतीश और तेज़स्वी की मौज़ूदा सरकार नहीं चाहती की महामहिम सूबे के गांव तक पहुंचे
✍️ मोहन सिंह के साथ नन्दलाल पटेल की रिपोर्ट :
– अमिट लेख
बेतिया/वाल्मीकिनगर। बिहार के राज्यपाल दो दिवसीय प्रवास पर वाल्मीकीनगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा पर राजनीति गरमा गई है, क्योंकि राज्यपाल हेलीकॉप्टर के बजाय सड़क मार्ग से आए थे।
जिसको लेकर बीजेपी ने नीतीश सरकार पर कई आरोप लगाए हैं। हालांकि राज्यपाल इस मामले पर चुप्पी साध गए। बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने अपने दो दिवसीय वाल्मीकीनगर यात्रा के दौरान सोमवार को जंगल सफारी व बोट सफारी का आनंद लिया। राज्यपाल सड़क मार्ग से वाल्मीकीनगर पहुंचे थे जो भाजपा के नेताओं को नागवार गुजरा है।
इस बाबत बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार सरकार को घेरते हुए सवाल खड़े किए और कहा कि राज्यपाल को बिहार सरकार कभी भी हेलीकॉप्टर मुहैया नहीं कराती है। इसके पूर्व भी एक कार्यक्रम के लिए उन्हें हेलीकॉप्टर नहीं दिया गया था, जो नीतीश कुमार की नीचता को दर्शाता है। संजय जायसवाल ने कहा कि वे (नीतीश कुमार) नहीं चाहते कि राज्यपाल क्षेत्र में जाएं और विकासात्मक कार्यों का जायजा लें। नीतीश और तेजस्वी की सरकार उनसे दस्तावेजों पर सिर्फ साइन कराने भर के लिए उन्हें कैद कर रखना चाहती है। हालांकि राज्यपाल ने रविवार को ही बयान दिया था, कि, वे बिहार की समस्याओं को जानने नहीं बल्कि बिहार को समझने के लिए गांवों का भ्रमण कर रहे हैं। लिहाजा संजय जायसवाल के इस आरोप के बाबत जब महामहिम राज्यपाल से पूछा गया तो उन्होंने चुप्पी साध ली। उसके बाद विभिन्न विभाग के अधिकारियों के साथ तीन घंटे तक समीक्षात्मक बैठक की और कनवेंशनल सेंटर का जायजा लिया। बता दें की रविवार की दोपहर महामहिम इंडो नेपाल सीमा अंतर्गत वाल्मीकीनगर पहुंचे थे। वाल्मीकीनगर आने के साथ ही उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जिसक्रम में लक्ष्मीपुर रमपुरवा पंचायत के ठाढ़ी गांव के भ्रमणक्रम में महामहिम को मुखिया प्रतिनिधि और समाजसेवी सुमन कुमार सिंह ने कुछ विशेष जानकारियां सुलभ कराते हुये जनसमस्याओं पर भी ध्यान आकृष्ट कराया। महामहिम ने योजनाओं संबंधित भी जानकारी ली। उसके बाद आदिवासी गांव का भ्रमण कर केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में ग्रामीणों से जायजा लिया। सोमवार को सुबह सुबह जंगल सफारी पर गए और इस दौरान उन्हें कई वन्य जीव दिखाई दिए। जंगल सफारी से लौटने के उपरांत उन्होंने इको पार्क का भ्रमण किया और चंपा पौधे का पौधरोपण किया। इसके बाद उन्होंने गंडक नदी में बोट सफारी का आनंद लिया और फिर वन सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ तीन घंटे तक समीक्षात्मक बैठक की। इस बैठक में उन्होंने सभी योजनाओं के अंतर्गत हो रहे कार्यों की विस्तृत रूप से जानकारी ली। उन्होंने इन सभी योजनाओं में आगे के क्रिया कलाप को जाना और उसे सही समय पर अच्छे से पूर्ण करने की सलाह दी। बैठक के बाद राज्यपाल ने करोड़ों रुपए की लागत से बन रहे कनवेंशनल सेंटर का निरीक्षण किया।








